कोई शक्ति मनुष्य को भीतर से जीवित रखती है, तो वह साहित्य है : आशुतोष अग्निहोत्री

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ‘कलम’ में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं कवि आशुतोष अग्निहोत्री ने साझा की साहित्यिक यात्रा, सुनाईं मार्मिक कविताएँ

जीवन में कितनी भी कड़वाहट आए,अपने भीतर की मिठास कम नहीं होनी चाहिए – इरा टाक

प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल ‘कलम’ के अंतर्गत जयपुर में आयोजित साहित्यिक संध्या में लेखिका इरा टाक से संवाद