साहित्य केवल शब्दों का विन्यास नहीं, बल्कि मनुष्य की संवेदनाओं को जीवित रखने की साधना है। जीवन की भागदौड़ और प्रशासनिक दायित्वों के बीच यदि कोई शक्ति मनुष्य को भीतर से जीवित रखती है, तो वह साहित्य है। यह विचार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं प्रख्यात कवि आशुतोष अग्निहोत्री ने प्रभा खेतान फाउंडेशन के साहित्यिक उपक्रम ‘कलम’ गाजियाबाद के अंतर्गत आयोजित संवाद में व्यक्त किए।
रैडिसन ब्लू टावर्स, कौशांबी (दिल्ली-एनसीआर) में आयोजित इस साहित्यिक संध्या का शुभारंभ होटल के डायरेक्टर ऑपरेशंस एवं यूनिट हेड शशांक भार्गव द्वारा अतिथियों के स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि प्रभा खेतान फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन की मेजबानी करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
स्वर संस्था की ओर से वंदना सिंह ने प्रभा खेतान फाउंडेशन की गतिविधियों का परिचय देते हुए बताया कि फाउंडेशन भारत सहित विश्व के 60 से अधिक शहरों में साहित्य, कला और संस्कृति के संवर्धन का कार्य कर रहा है।

संवाद की शुरुआत साहित्यकार आलोक अविरल ने आशुतोष अग्निहोत्री की साहित्यिक यात्रा, पारिवारिक परिवेश तथा प्रशासनिक जीवन के साथ लेखन के संतुलन को लेकर प्रश्नों से की। आशुतोष अग्निहोत्री ने बताया कि उनके पिता ने केवल भाषा ही नहीं सिखाई, बल्कि अनुभवों को शब्द देने की दृष्टि भी दी। उन्होंने कहा, “मेरी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि मैं सबसे पहले मनुष्य बना रहूँ। साहित्य मेरे लिए केवल रुचि नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता है। यदि साहित्य मेरे जीवन में न हो, तो मेरा व्यक्तित्व अधूरा रह जाएगा।”
अपनी चर्चित कृति ‘सब पर राम तपस्वी राजा’ पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए राम केवल आस्था के विषय नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर जागृत चेतना के प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के दौरान आशुतोष अग्निहोत्री ने अपनी अनेक चर्चित कविताओं का प्रभावशाली पाठ किया। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने अपनी पुस्तक की रचना-प्रक्रिया, पात्रों के चयन तथा साहित्य और अध्यात्म के संबंध पर भी विस्तार से अपने विचार रखे।
इस अवसर पर संजीव पालीवाल ने प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से आशुतोष अग्निहोत्री तथा संवादकर्ता आलोक अविरल को मध्य भारत की पारंपरिक टेराकोटा हस्तशिल्प की जोड़ी भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने लेखक से हस्ताक्षरित प्रतियाँ प्राप्त कीं।वंदना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।



कार्यक्रम का आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा अहसास वूमेन एवं स्वर संस्था के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के हॉस्पिटैलिटी पार्टनर रैडिसन ब्लू टावर्स, कौशांबी (दिल्ली-एनसीआर) तथा मीडिया पार्टनर दैनिक जागरण रहे।










